जब अल्लाह रब्बुल आ़लमीन है तो सारी जरूरतें और हाजतें उसी से मांगी जाए जो लोग खुदा को छोड़ कर नबियों, वालियों से हाजतें मांगते हैं उन्हें अपना मुश्किल कुशा और हाजत रवा समझते हैं वह खुदा को रब्बुल आ़लमीन नही मानते00001
🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ* *🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ* *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *🧮 पोस्ट 043▪️* *📝 सवाल-;* *📇 जब अल्लाह रब्बुल आ़लमीन है तो सारी जरूरतें और हाजतें उसी से मांगी जाए जो लोग खुदा को छोड़ कर नबियों, वालियों से हाजतें मांगते हैं उन्हें अपना मुश्किल कुशा और हाजत रवा समझते हैं वह खुदा को रब्बुल आ़लमीन नही मानते* (वहाबी अहले हदीस) *✍️ जवाब-;* *📇 अल्लाह के मक़बूल और खास बंदों से कोई चीज़ मांगना हक़ीक़त में अल्लाह तआ़ला से ही मांगना है क्योंकि यह अल्लाह के बंदे उसकी सिफ़त रबूबियत के मुज़्हर (ज़ाहिर किया गया) है, बेशक अल्लाह रब्बुल आ़लमीन है शाफी उल अमराज़ है लेकिन उस ने उन तमाम कामों के लिए दरवाज़े मुक़र्रर कर दिए हैं, उन दरवाजों पर जा कर मांगना हक़ीक़त में रब ही से मांगना है, शिफ़ा के लिए हकीम और डाक्टर के यहां जाते हैं, इंसाफ़ के लिए हाकिम के यहां जाते हैं, खुदा का रिज़्क़ लेने के लिए मालदारों का दरवाज़ा तलाश करते हैं, बस यूं समझो कि पावर...